भरोसा

लाइसेंस, KYC और नियम

भारत में विदेशी करेंसी सिर्फ़ वही बेच सकते हैं जिन्हें रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया ने मान्यता दी हो। हम इन्हीं नियमों के अंदर कैसे काम करते हैं, यहाँ देखिए।

हमारा लाइसेंस प्राप्त पार्टनर

हर बिक्री और खरीद Partner AD Category-II (placeholder) के ज़रिए होती है, लाइसेंस नंबर FE.DLI.XXXX/2026।

अथॉराइज़्ड डीलर कैटेगरी-II (AD Category-II) को RBI की तरफ़ से सफ़र और उससे जुड़े कामों के लिए विदेशी करेंसी नोट खरीदने-बेचने की इजाज़त होती है।

KYC

नोट देने से पहले हर यात्री के पैन, पासपोर्ट और ट्रैवल डॉक्यूमेंट चेक किए जाते हैं। USD 200 के बराबर से ऊपर की वापस-बिक्री (सेल-बैक) में भी KYC लगता है।

लिमिट

हर यात्री के लिए, हर ट्रिप में कैश नोट USD 3,000 के बराबर तक ही मिल सकते हैं। कुछ देशों के लिए अपवाद हैं। हर ट्रिप में कैश से पेमेंट की भी एक सीमा है; उससे ज़्यादा रकम खरीदार के अपने बैंक खाते से ही देनी होगी।

रिकॉर्ड

कंप्लायंस के नियमों के हिसाब से ट्रांज़ैक्शन और KYC रिकॉर्ड 5 साल तक रखे जाते हैं।